देशभर के एथलीटों का जलवा — प्रथम पेफी राज्य एथलेटिक मीट 2025 में खिलाड़ियों ने दिखाया दम

फ़िट इंडिया मूवमेंट और शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित इस आयोजन ने भारत की खेल ऊर्जा को दिया नया आयाम ।
नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित प्रथम पेफी राज्य एथलेटिक मीट – दिल्ली 2025 ने देशभर के खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यह आयोजन फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PEFI) द्वारा फिट इंडिया मूवमेंट (भारतीय खेल प्राधिकरण) तथा शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया।

देशभर के विभिन्न राज्यों से आए 1500 से अधिक खिलाड़ियों ने इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में भाग लिया और ट्रैक एवं फील्ड इवेंट्स में अपनी खेल प्रतिभा और जज़्बे का शानदार प्रदर्शन किया।

*उद्घाटन सत्र में दिग्गज हस्तियों की उपस्थिति से बढ़ा उत्साह*

उद्घाटन समारोह में भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने मुख्य अतिथि के रूप में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उनके साथ खेल मंत्रालय के सचिव श्री हरि रंजन राव भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर फिट इंडिया के निदेशक नदीम अहमद डार, राष्ट्रीय मैराथन चैंपियन सुनीता गोदारा, पेफी अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार उप्पल, और दिल्ली विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. अनिल कुमार कलकल सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भी प्रतिभागियों की हौसलाअफजाई की।

*खिलाड़ियों ने ट्रैक पर छोड़ी अपनी छाप*
विभिन्न आयु वर्गों में खिलाड़ियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
• अंडर-14 में इलिशा सरोहा (1:05 मिनट – बालिकाएँ) और आर्यन चौधरी (56.66 सेकंड – बालक) ने 400 मीटर दौड़ में बाज़ी मारी।
• अंडर-16 वर्ग में रुखसाना (600 मीटर – 1:49 मिनट) और नीतीन कुमार बर्मन (600 मीटर – 1:33 मिनट) ने स्वर्ण पदक जीते।
लंबी कूद में नक्ष कुमार (5.70 मीटर) और स्नेहा (4.99 मीटर) ने शीर्ष स्थान हासिल किया।
• अंडर-18 वर्ग में माही (1500 मीटर – 4:47 मिनट) और हनी यादव (1500 मीटर – 4:10 मिनट) विजेता बने।
खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक कदम
यह आयोजन न केवल युवा खिलाड़ियों के लिए एक मंच सिद्ध हुआ, बल्कि फिट इंडिया मूवमेंट और शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार की उस साझा पहल को भी गति दी, जिसके तहत शारीरिक शिक्षा और फिटनेस को शिक्षा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।
पेफी के इस सफल आयोजन ने यह साबित किया कि जब संस्थान, सरकार और समाज एक साथ मिलकर खेल संस्कृति को आगे बढ़ाते हैं, तो भारत की नई पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊँचाइयाँ छू सकती है।

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